भाव और ग्रह के अनुसार करियर का चयन/Career Selection According House and Planet


करियर के विषय में जानने के लिए ज्योतिष शास्त्र एक अत्यंत ही कारगर साथी बन सकता है। ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही ?

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करियर के विषय में जानने के लिए ज्योतिष शास्त्र एक अत्यंत ही कारगर साथी बन सकता है। ज्योतिष शास्त्र में बहुत ही विस्तृत रूप से व्यक्ति के करियर को परखने की प्रक्रिया का वर्णन है। इससे इस बात का पता लगाया जा सकता है कि वह व्यक्ति किसी काम में अधिक कुशल है और वह कहां सफलता प्राप्त कर सकता है या फिर किस काम में वह सामान्य रह सकता है। इन सभी बातों को ज्योतिषीय गणना के द्वारा समझा जा सकता है। इसके जरिए आजीविका के बारे में जानकर एक उत्तम भविष्य के निर्माण में सहायता मिल सकती है। नौकरी या बिजनेस/Job or Business by birth chart आपके लिए क्या सही रहेगा इस का प्रश्न आपको ज्योतिषः शास्त्र में बहुत ही सटीकता के साथ मिल सकता है।

 

करियर में सभी 12 भावों का महत्व

किसी भी व्यक्ति का काम या नौकरी कैसी रहेगी, वह अपने काम में कितना सफल या असफल होगा, किसी प्रकार की परेशानियों और समस्याओं का उस पर प्रभाव रहेगा, इन सभी बातों की सूक्ष्म जांच भावों के द्वारा संभव है और इसे समझने की आवश्यकता है। प्रत्येक भाव का अपना एक विशेष महत्व है और विशेष गुण होता है।

 

पहला भाव - चाहे कोई भी करियर हो इसमें लग्न की भूमिका बहुत प्रभावशाली मानी जाती है, क्योंकि व्यक्ति की बौद्धिकता उसकी शारीरिक क्षमता व उसके प्रयासों को इस भाव से समझने में बहुत सहायता मिलती है। 

 

दूसरा भाव - यह भाव व्यक्ति को अपने करियर से मिलने वाले धन लाभ अथवा हानि की स्थिति को दर्शाने में सहायक बनता है। इसी भाव से पता चलता है कि आप अपने काम को लेकर कितने बेहतर रूप से दूसरों के समक्ष रख पाते हैं और आपकी वाणी दूसरों के सामने कैसे रहेगी।

 

तीसरा भाव - इस भाव के द्वारा आपके काम करने के प्रयास और मेहनत को देखा जाता है। यह भाव बताता है कि आपकी अभिरुचि जन संचार से जुड़े कार्य एवं खेल कूद में कितनी है। इसके अलावा यह भाव कमीशन, दलाली, लेखन, और बड़े व्यापार को दर्शाता है।

 

चौथे भाव - यह भाव आपके काम के सुख को दर्शाता है। इस भाव से पता चल सकता है कि आप किसी काम को कितना बेहतर कर पाएंगे और साथ ही कारोबार में आपकी शिक्षा की भूमिका कैसी होगी। इसके साथ साथ भूमि से जुड़े काम भी इसी भाव के द्वारा पता चल सकते हैं।

 

पांचवां भाव - यह भाव व्यक्ति को तर्क कुशलता से काम करने में सहायक बनता है। इसके द्वारा सरकारी और आध्यात्मिक क्षेत्र से जुड़े काम प्रभावित होते हैं।

 

छठा भाव - इस भाव से कठिन प्रतियोगिताओं को समझने और उसमें सफलता प्राप्त करने के तरीकों का पता चल सकता है। इसी भाव से व्यक्ति की प्रथम नौकरी के संकेत मिलते हैं।

 

सातवां भाव - यह भाव व्यक्ति के व्यापार एवं समाज सेवा से जुड़े काम, राजनीति के कार्य, विदेश से जुड़े कार्यों में आपकी भूमिका को दर्शाता है। आपकी पार्टनरशिप का काम भी इसी भाव से जुड़ा हुआ होता है।

 

आठवां भाव - यह भाव आपके काम में होने वाले बदलावों को दर्शाने वाला होता है। इसी भाव से भूमि से जुड़े कार्य का संकेत मिलता है। यह भाव गुप्त विद्याओं की ओर संकेत देता है।

 

नौवां भाव - इस भाव से आपके काम के क्षेत्र का व्यय और उसकी महत्ता दोनों देखने को मिल सकती है। आपको सामाजिक काम ओर यात्राओं से जुड़े काम मिल सकते हैं।

 

दसवां भाव - कुंडली का यह भाव करियर के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, क्योंकि करियर का विचार इसी भाव द्वारा किया जाने का विधान रहा है।

 

ग्यारहवां भाव - इस भाव से आप अपने कार्य से मिलने वाली आय एवं लाभ को जान पाते हैं। आपके काम में आपकी प्रगति एवं मान सम्मान इत्यादि को इसी भाव से समझा जाता है।

 

बारहवां भाव - इस भाव द्वारा आपके करियर का विदेश यात्राओं/Foreign Travel Astrology से संबंध को समझा जा सकता है।

 

करियर में ग्रहों का महत्व

व्यक्ति के करियर में सभी ग्रहों की भी अपनी अपनी विशिष्ट भूमिका होती है।

 

सूर्य संबंधित कार्य - सूर्य राजकीय कार्यों के लिए महत्वपूर्ण होता है। सरकारी नौकरी/Government Job Astrology, प्रशासनिक सेवा और राजनीति इत्यादि में लाभ देता है।

 

चंद्र संबंधित कार्य - चंद्र ग्रह जल, डेयरी प्रोडक्ट, वस्त्र एवं आभूषण इत्यादि से जुड़े काम में लाभ देता है। 

 

मंगल संबंधित कार्य - मंगल को परिश्रम से जुड़े काम के लिए उपयुक्त माना गया है। सेना, पुलिस और प्रॉपर्टी इत्यादि से जुड़े काम से लाभ प्राप्त हो सकता है।

 

बुध सम्बन्धित कार्य - बुध के प्रभाव से व्यक्ति को किसी भी प्रकार के बिजनेस, लेखन, जनसंचार, कंसलटैंसी इत्यादि से जुड़े काम में लाभ मिल सकता है।

 

बृहस्पति सम्बन्धित कार्य - बृहस्पति के द्वारा धार्मिक संस्थान, धर्म उपदेशक, कानून, अर्थशास्त्र एवं शिक्षण इत्यादि से जुड़े काम से लाभ ले सकता है।

 

शुक्र संबंधित कार्य - शुक्र के द्वारा फैशन, सिनेमा, संगीत, डिजाइनिंग, रेस्टोरेंट एवं मनोरंजन जगत इत्यादि से लाभ मिल सकता है।

 

शनि सम्बन्धित कार्य - शनि द्वारा भूमि से लाभ, सेवा कार्यों, ठेकेदारी, धातु, मशीनरी, केमिकल प्रोडक्ट इत्यादि से लाभ मिल सकता है।

 

राहु सम्बन्धित कार्य - राहु व्यक्ति को शेयर मार्किट, सट्टा, ब्रोकर, कम्प्युटर, इंटरनेट, बिजली, अनुसंधान, कमीशन एवं विदेश इत्यादि से लाभ दिलाने वाला बनाता है।

 

केतु सम्बन्धित कार्य - केतु के द्वारा मशीनों से जुड़ा काम, जासूसी, केमिकल, रसायन, दवाइयों,  समाज सेवा एवं आध्यात्मिक इत्यादि से लाभ मिलता है।

इसके अलावा, यदि आपके भाव और ग्रह के अनुसार करियर चयन/Career Selection as per Planets के संबंध में कोई समस्या है, तो मेरा सुझाव है कि आप किसी विद्वान ज्योतिषी से बात करें। ज्योतिषीय दृष्टि से वह आपको किसी भी स्थिति से बाहर निकलने में आपकी मदद कर सकते हैं।

 

Source URL: https://sites.google.com/view/vinaybajrangis/blog/career-selection-according-house-and-planet

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